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Shahjahan Sheikh: ‘शाहजहां’ के पीछे 55 दिन तक क्‍या-क्‍या हुआ? 

संदेशखाली मामले के आरोपी का आगे क्या?

द न्‍यूज ऑन |  पश्चिम बंगाल में ED की टीम पर हमले के बाद Shahjahan Sheikh फरार हो गया। संदेशखाली में 8 फरवरी से महिलाएं Shahjahan Sheikh और उसके समर्थकों के खिलाफ उतर गईं। महिलाओं ने शाहजहां और उसके समर्थकों पर शोषण करने और जबरन जमीन कब्जाने जैसे कई आरोप लगाए। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने शाहजहां शेख से साथ ही TMC के अन्य नेताओं उत्तम सरदार और हाजरा पर भी इन सभी में शामिल होने के आरोप लगाए। ये दोनों नेता शाहजहां शेख के करीबी बताए जाते हैं।

9 फरवरी को तनाव तब बढ़ गया जब प्रदर्शनकारी महिलाओं ने शाहजहां समर्थक हाजरा के स्वामित्व वाले तीन पोल्ट्री फार्मों को जला दिया। महिलाओं का दावा था कि वे स्थानीय ग्रामीणों से जबरन छीनी गई जमीन पर बने थे। वहीं 10 फरवरी को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने घटना को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार को त्वरित और प्रभावी रूप से कार्रवाई करनी होगी।

https://thenewsonn.com/43-cases-55-days-absconding-how-was-shahjahan-arrested/

BJP के प्रदर्शन के बाद देशभर में हुई चर्चा

महिलाओं के विरोध के बीच बंगाल राज्य की विपक्षी पार्टी भाजपा ने भी प्रदर्शन शुरू कर दिया। 12 फरवरी को भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने एक प्रेस वार्ता की। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने बंगाल की सीएम ममता बनर्जी पर जमकर हमला बोला और सरकार पर संदेशखाली हिंसा को लेकर गंभीर आरोप लगाया। इसके साथ ही ही संदेशखाली की घटना बंगाल की न होकर देशभर में चर्चा का विषय बन गई। तब से लेकर अब तक राज्यपाल, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, फैक्ट फाइडिंग टीम ने तनावग्रस्त क्षेत्र का दौरा किया और पीड़ितों से मुलाकात की।

मामले में अदालत ने क्यों दखल दिया?

संदेखाली मामले में भाजपा और टीएमसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहा। दूसरी ओर मामला अदालत तक भी पहुंच गया। कलकत्ता हाईकोर्ट ने संदेखाली मामले के मुख्य आरोपी शाहजहां शेख की गिरफ्तारी न होने पर हैरानी जताई। कोर्ट ने कहा कि हमें नहीं पता कि आरोपी की सुरक्षा की जा रही है या नहीं, लेकिन ये आश्चर्य की बात है कि अब तक पश्चिम बंगाल की पुलिस आरोपी को गिरफ्तार ही नहीं कर पाई है।

कोर्ट की सख्‍त टिप्‍पणी

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि अगर एक व्यक्ति पूरी आबादी को बंधक बना सकता है तो ऐसे व्यक्ति को सरकार द्वारा प्रोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए। यह टिप्पणी राज्य सरकार द्वारा एकल पीठ के आदेश को चुनौती देने वाली एक अपील की सुनवाई के दौरान की गई थी। अदालत ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि जिस व्यक्ति को इस समस्या का मूल कारण बताया जा रहा है, उसे अभी भी पकड़ा नहीं जा सका है।

कोर्ट के आदेश के बाद हुई गिरफ्तारी

इसके बाद 26 फरवरी को कलकत्ता हाईकोर्ट ने संदेशखाली मामले पर मीडिया रिपोर्ट्स का स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि संदेशखाली मामले में शाहजहां शेख की गिरफ्तारी पर कोई रोक नहीं है और उसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने कहा, ‘एफआईआर में भी बतौर आरोपी शाहजहां शेख का नाम है। ऐसे में उसे गिरफ्तार करने की जरूरत है।’ कोर्ट ने कहा कि शाहजहां को बंगाल पुलिस के साथ-साथ सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी गिरफ्तार कर सकते हैं।

अदालत की लगातार कड़ी फटकार के बीच आखिरकार गुरुवार को बंगाल पुलिस ने शाहजहां शेख की गिरफ्तारी की। इसके साथ ही टीएमसी नेता ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में तत्काल सुनवाई की मांग की जिसे अदालत से अनुमति नहीं मिली।

 

कोर्ट ने लगाई वकील को फटकार

शाहजहां के वकील गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम की अगुवाई वाली पीठ के सामने पेश हुए। मुख्य न्यायाधीश ने कहा वकील से बताया कि शाहजाहां के खिलाफ लगभग 43 मामले हैं। वहीं, वकील ने पीठ से उनके मामले की सुनवाई करने का आग्रह किया। हालांकि, न्यायालय ने संकेत दिया कि वह आज इस मामले की सुनवाई के लिए इच्छुक नहीं है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा, ‘सोमवार को आएं। हमें उस व्यक्ति (शाहजहां) के प्रति कोई सहानुभूति नहीं है।’

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